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पर्यायवाची शब्द: हिंदी में समृद्ध शब्दकोश

पर्यायवाची शब्द

किसी शब्द के समान अर्थवाले अन्य शब्दों को पर्यायवाची या समानार्थी शब्द कहते हैं। जैसे - आँख के बदले नेत्र, नयन, लोचन आदि शब्द पर्यायवाची शब्द कहे जाते हैं । हिन्दी में अधिकतर शाब्द ऐसे हैं जिनके बदले बहत से शब्द प्रयुक्त होते हैं।

ऐसे शब्दों की सूची नीचे प्रस्तुत है–

  • अंग : अंश, अवयव, खंड, भाग, विभाग, हिस्सा ।
  • अंधकार : अँधियारा, अँधेरा, तम, तमिस्र, तिमिर, ध्वांत।
  • अदरक : अनूपज, अपाकशाक, आदी, आर्द्रशाक, कटुभद्र ।
  • अनुपम : अतुल्य, अद्वितीय, अदभुत, अनूठा, अनोखा, अपूर्व ।
  • अपमान : अनादर, अवज्ञा, अवमान, अवमानना, अवहेलना, तिरस्कार ।
  • अभिमान : अहं, अहंकार, अहंभाव, गर्व, घमंड, दर्प, दंभ, मद ।
  • अमृत : अमी, अमिय, पीयूष, मधु, सुधा, सोम ।
  • अर्जुन : गांडीवधर, गांडीवी, पांडुनन्दन, पांडुपुत्र, पार्थ, मध्यमपांडव, वृहन्नला, सव्यसाची ।
  • आँख : अंबक, अक्ष, अक्षि, ईक्षण, चश्म, चक्षु, दृक्‌, दृग्‌, दृष्टि, नजर, नयन, नेत्र, नैन,. लोचन, बिलोचन ।
  • आकाश : अंबर, अंतरिक्ष, अनंत, अभ्र, अर्श, आसमान, ख, गगन, तारापथ, दिव, दयु, दयौ, नभ, व्योम, विष्णुपद, शून्य ।
  • आग : अग्नि, अनल, ज्वल, दहन, पावक, शुष्ण, शुष्म, हुताशन ।
  • आनंद : आमोद, आह्लाद (आह्लाद), उल्लास, खुशी, परितोष, प्रमोद, प्रसन्नता, प्रीति, मजा, मोद, मौज, लुत्फ, सुख, हर्ष |
  • आम : अतिसौरभ, आम्र, कामशर, चूत, रसाल, सहकार ।
  • आश्रम : अखाड़ा, ऋषिकुल, ऋषिवास, कुटी, मठ, मुनिंवास, विहार |
  • इच्छा : अभिलाषा, आकांक्षा, ईप्सा, ईहा, कामना, चाह, मनोरथ, स्पृहा ।
  • इन्द्र : अमरनाथ, अमरपति, देवपति, देवराज, देवाधिप, पुरंदर, पुरुहूत, महेन्द्र, वजी, वजपाणि, शचीपति, सुरपति, सुरेश ।
  • कपड़ा : अंबर, चीर, चैल, पट, वस्त्र, वसन ।
  • कपूर : कर्पूर, घनसार, चंद्र, सारंग, सिताभ ।
  • कमर : कटि, कटी, कटितट, कटिदेश, कटिभाग, मध्यांग, लंक ।
  • कमल : अंबुज, अंभोज, अब्ज, अरविंद, इंदीवर, उत्पल, कंज, कुमुद, नीरज, पंकज, पुष्कर, राजीवं, सरसिज, सरोज, सहस्रपत्र ।
  • कामदेव: अतनु, अनंग, कंदर्प, काम, कुसुमेष, पंचशर, पुष्पचाप, पुष्पधन्वा, पुष्पेषु, प्रद्युम्न (प्रद्युम्म), मदन, मनोज, रतिपति, सारंग ।
  • किरणा : अंशु, अर्चि, कर, गो, प्रकाश, प्रभा, मयूख, मरीचि, रश्मि।
  • कुआँ : अंधु, अवट, अवटी, अवटु, इँदारा, इनारा, काट, कूप ।
  • कुत्ता : कुकुर, कुक्कुर, मृगारि, वृकारि, शुनि, श्वान, सारमेय ।
  • कुबेर : अलकाधिप, एकपिंग, ऐलविल, देवकोषाध्यक्ष, धनदेव, धनदेवता, धननाथ, धनाधिप, यक्षराज, वंसु, वित्तनाथ ।
  • केला : कदली, मोच, मोचा, मोचाट, मोचाद ।
  • कोयल : कलकंठ, कलघोष, कलध्वनि, काकलीरव, कोइली, कोकिल, कोकिला, कोयलिया, परभृता, पिक, वनप्रिय, वसंतदूत, श्यामा ।
  • खोज : अन्वेषण, अनुसंधान, गवेषणा, छानबीन, जाँच, पूछताछ, शोध ।
  • गंगा : अलकनंदा, जाह्नवी (जाह्णववी), त्रिपथगा, त्रिपथा, देवनदी, भागीरथी, मंदाकिनी, विष्णुपदी, सुरनदी, सुरसरिता, खुरसिधु ।
  • क्रोध : अमर्ष, आक्रोश, कोप, खीझ, प्रतिघ, रुषा, रोष ।
  • गणेश : अंबिकेय, आदिपूज्य, एकदंत, गजवदन, गजानन, गणनायक, गणपति, गणाधिप, मूषकवाहन, मोदकवल्लभ, लंबोदर, वक्रतुंड, विघ्नहर, विनायक ।
  • गदहा : खर, गर्दभ, धूसर, बालेय, बेसर, भारवाह, रासभ, वैशाखनंदन शीीतलावाहन ।
  • गाय : गऊ, गऊमाता, गैया, गोमाता, गौ, धेनु, भद्रा, सुरभि।
  • घर : आगार, आयतन, आलय, आवास, ओक, गृह, गेह, धाम, निकाय, निकेत, निकेतन, निवास, भवन, वास, शाला, सदन ।
  • घोड़ा: अर्वा, अश्व, आशु, उच्चै :श्रवा, गंधर्व, घोट, घोटक, वुरंग, तुरंगम, तुरग, बाज, वाजि, वाह, सैंधव, हय, हरि ।
  • चंदन : गंधराज, गंधसार, चंद्रकांत, चंद्रदयुति, मलय, मलयज, मलयोदभव, रक्तसार, शीतृगंध, श्रीखंड, संदल, सर्पावास ।
  • चन्द्रमा : इंदु, कलानिधि, चंदा, चंद्र; चाँद, जयंत, तमोहर, तारापति, निशाकर, रजनीपति, रजनीश, राकेश, शशि, सुधांशु ।
  • चिडिया : अंडज, खग, खचर, खेचर, चटक, चटका, चटिका, द्विज, नभचर, पंखेरू, पंछी, पक्षी, पतंग, परिंदा, पाँखी, विहंग ।
  • चोर : कुंभिल, खनक, चोट्टा, चौर, तस्कर, दस्यु, मोषक ।
  • जंगल : अटवी, अरण्य, कांतार, कानन, दाव, बियावान, वन, विपिन ।
  • जन्म : उद्भव, जनन, जनम, जनि, जनु, प्रजनन, प्रभव, भव, भाव ।
  • तलवार : असि, करवार, करवाल, कृपाण, खंग, खड्ग, चंद्रहास |
  • तालाब : कासार, जलाशय, जोहड़, जौहड़, तड़ाग, तलैया, पद्माकर, पुष्कर, पुष्करिणी, पोखर, वापी, सर, सरसी, सरोवर ।
  • त्रिफला : फलत्रय, फलत्रिक ।
  • दया : अनुकंपा, अनुग्रह, करुणा, कारुण्य, कृपा, तरस, प्रसाद, मार्दव, मेहरबानी, रहम, संवेदना, सहानुभूति, हमदर्दी।
  • दाँत : खरु, दंत, दंदान, दशन, द्विज, रद, रदन ।
  • दानव : असुर, दनुज, दितिज, दितितनय, दितिसुत, दित्य, देवरिंपु, देवारि, दैत्य, राक्षस, शुक्रशिष्य, सुरद्विष्‌, सुररिपु, सुरारि |
  • दुःख : अवसाद, आफत, उत्पीड़न, कष्ट, क्लेश, क्षोभ, खेद, गम, पीड़ा, यंत्रणा, यातना, विषाद, वेदना, व्यथा, शोक, संकट ।
  • दुर्गा : अंबिका, अजा, अभया, कल्याणी, कामाक्षी, कामाख्या, कालिका, कुमारी, चंडिका, चामुंडा, महागौरी, महाशक्ति, सिंहवाहिनी ।
  • देवता : अमर, अमर्त्य, अमृत, असुरारि, आदितेय, आदित्य, गीर्वाण, त्रिदश, देव, निर्जर, वसु, विबुध, वृंदारक, सुमन, सुर ।
  • द्रव : आसव, गीला, तरल, पतला, पिघला, रस ।
  • द्रव्य : दौलत, धन, संपत्ति, संपदा, वित्त, विभूति, वस्तु, पदार्थ ।
  • थनुष : कमान, कार्मुक, कोदंड, चाप, धनु, धनुआ, धनुक, शरासन ।
  • नगर : कटक, नगरी, पट्ट, पट्टन, पत्तन, पुर, पुरी, शहर ।
  • नदी : तटिनी, तटी, तरंगिणी, दरिया, नद निर्डरणी, सरिता, सरित्‌ ।
  • नरक : जहन्नुम, यमपुर, यमलोक, यमसदन, यमालय, रसातल ।
  • नौका : जलयान, डोंगी, तरणी, तरंड, तरंडी, तरी, नाव, नैया ।
  • नौकर : अनुचर, किंकर, गुलाम, चाकर, दास, भृत, भृतक, सेवक ।
  • पंडित : कोविद, प्राज्ञ, बुद्ध, मनीषी, विद्वान्‌, विचक्षण, सुधी ।
  • पति : आर्य, ईश, कांत, खाविंद, दयित, पिया, प्राणप्रिय; प्राणेश, प्रियतम, बालम, वल्लभ, शौहर , सनम, साजन, स्वामी ।
  • पत्थर : अश्म, उपल, ग्राव, चट्टान, दृषद्‌, पाथर, पाषाण, शिला ।
  • पत्नी : अर्द्धांगिनी, कांता, गृहस्वामिनी, गृहिणी, जनाना, जनि, जाया, पर्वतजोरू, दयिता, पाणिगृहीता, बीवी, भार्या, वधू, सहधर्मिणी ।
  • पर्वत : अग, अचल, अद्रि, कोह, गिरि, तुंग, धरणीधर, धराधर, नग, पहाड़, भूधर, भूभृत्‌, भूमिधर, महीधर, मेरू, शैल ।
  • पानी : अमृत, अंबु, अंभ, उदक, क्षीर, जल, तोय, नीर, पानीय, वारि ।
  • पार्वती : अंबिका, अपर्णा, उमा, गिरिजा, गौरी, दक्षसुता, दुर्गा, शांकरप्रिया, शिवा, शैलकुमारी, शैलजा, शैलपुत्री, सती ।
  • पुत्र : आत्मज, कुमार, तनय, तनुज, नंदन, पूत, बेटा, लड़का, सुत।शाब्द-रूप
  • पुत्री : अंगजा, आत्मजा, कन्या, तनया, तनुजा, दुहिता, धीया, नंदिनी, बेटी, लड़की, साहबजादी, सुता ।
  • पुरुष : आदमी, जन, नर, मर्त्य, मर्द, मनुज, मनुष्य, मानव, मानुष ।
  • पृथ्वी : अचला, अवनि, इडा, इड़ा, इला, उर्वी, धरती, धरणी, धरा, धरित्री, भू, भूमंडल, भूमि, मही, वसुधा, वसुंधरा ।
  • प्रकाश : उजाला, कांति, चमक, चाँदना, ज्योति, दीप्ति, प्रभा, रोशनी ।
  • फूल : कुसुम, गुल, पुष्प, पुहुप, प्रसून, सुमन ।
  • बाण : आशुग, इषु, तीर, नाराच, विशिख, शर, शायक, शिली ।
  • बादल : अंबुद, अभ्र, घटा, घन, जलद, जलधर, जीमूत, धाराधर, नीरद, बदली, मेघ, वारिद, वारिधर, वारिवाह, वारिवाहन।
  • बिजली : क्षणप्रभा, घनवल्लिका, घनवल्ली, चंचला, चपला, तदित, बुद्धिदामिनी, नीलांजना, बिजुरी, विद्युत्‌, शापा, सौदामिनी ।
  • बुद्धि : अक्ल, चित्‌, चेतना, जेहन, ज्ञान, प्रज्ञा, प्रतिभा, बोध, मति, मेधा, मन, मनस्‌, मनीषा, विज्ञान, विवेक, समझ ।
  • बह्या : अंडज, अज, अब्जयोनि, आत्मभू, चतुरानन, पितामह, लोकेश, ब्विधाता, विधि, सृष्टिकर्ता, स्रष्टा, स्वयंभू, हिरण्यगर्भ ।
  • ब्राह्यण : विप्र, अग्रजन्मा, गुरु, ज्येष्ठवर्ण, द्विज, द्विजन्मा, भूदेव ।
  • भय : आतंक, खौफ, डर, त्रास, दहशत, भीति, विभीति, विभीषिका ।
  • भाग्य : अदृष्ट, कर्म, किस्मत, तकदीर, दिष्ट, दैव, नसीब, नियति, प्रारब्ध, भवितव्यता, भागधेय, भावी, मुकद्दर, विधिं ।
  • भौरा : अलि, चंचरीक, भँवर, भँवरा, भ्रमर, भृंग, मधुकर, मधुप ।
  • मछली : झख, झष, मत्स्य, मीन, सफरी (शफरी) ।
  • मनुष्य : आदमी, द्विपद, नर, जन, पुरुष, मनुज, मर्द, मानव, मानुष ।
  • महादेव : उमाकांत, उमानाथ, उमापति, उमेश, कैलाशनाथ, गंगाधर, गिरीश, गौरीपति, चंद्रशेखर, त्रिलोचन, नीलकंठ, पशुपति, भूतेश, महाकाल, महेश्वर, शंकर, शंभु, शिव ।
  • माता : अंबा, अंबिका, अम्मा, जननी, धात्री, प्रसू, माँ, माई, मैया ।
  • माला: अवतंस, गजरा, गुणंतिका, गुणनिका, मालिका, माल्य, हार ।
  • मित्र : अभिन्नहृदय, दोस्त, मीत, यार, संगाती, संगी, सुहृद ।
  • मुकुट : अवतंस, उत्तंस, किरीट, कोटीर, ताज, मौलि, शेखर ।
  • मुनि : अवघयूत, ऋषि, औलिया, तपस्वी, तापस, फकीर, भिक्षु, यति, योगी, वैरागी, संत, संन्यासी, साधक, साधु, महात्मा ।
  • मेहँदी : नखरंजक, नखरंजनी, मेधी, हिना ।
  • मोक्ष : निर्वाण, परमगति, परमपद, ब्रह्मपद, मुक्ति, सद्गति ।
  • मोती : गौहर, मुक्ता, मुक्ताफल, शुक्तिबीज, मौक्तिक ।
  • मोर : कलापी, केकी, घनप्रिय, भुजंगभुज्‌, मयूर, शिवसुतवाहन |252
  • मृत्यु : इंत्तकाल, काशीवास, गंगालाभ, गंगावास, तनुपात, देहांत, देहावसान, निधन, निर्वाण, प्राणांत, मरण, मौत, स्वर्गवास ।
  • यमुना : अर्कजा, कलिंदजा, कालिंदी, जमुना, रवितनया, रविनंदिनी, रविसुता, श्यामा, सूर्यजा, सूर्यतनया, सूर्यपुत्री, सूर्यसुता ।
  • राजा : अवनीश, अधिप, नरपति, नरेंद्र, नरेश, नृप, नृपति, भूप, भूपति, महाराज, महीप, महीपाल, शाहंशाह, सम्राट्‌ ।
  • रात : क्षणदा, निशा, निशि, निशीथ, यामिनी, रजनी, रात्रि, रैन ।
  • रावण : दशकंधर, दशानन, दसमुख, पौलस्त्य, राक्षसेन्द्र, लंकेश ।
  • लक्ष्मी : इंदिरा, कमला, पद्मा, भार्गवी, रमा, विष्णुप्रिया, विष्णुवल्लभा, श्री, सिधुजा, सिधुसुता, हरिप्रिया, हरिवल्लभा ।
  • वचन : इड़ा, उक्ति, कथन, गिरा, जबान, बात, ब्राह्मी, भारती, भाषा, लपित, वाणी, वादा, वायदा, व्याहार, सरस्वती ।
  • वर्षा : घनअंबु, पावस, बरखा, बरसात, बारिश, मेह, वृष्टि ।
  • वसंत : ऋतुराज, ऋतुपति, कुसुमाकर, बहार, मधु, मधुकऋतु, मधुकाल ।
  • विवाह: उपयम, दारकर्म, दारक्रिया, दारपरिग्रह, निकाह, परिणय, पाणिग्रहण, ब्याह, लग्न, शादी ।
  • विष्णु : अच्युत, उपेंद्र, केशव, गरुड़गामी, गरुडध्वज, चक्रपाणि, चतुर्भुज, नारायण, पीतांबर, पुरुषोत्तम, लक्ष्मीपति, श्रीपति, हरि ।
  • वृक्ष : अग, कुज, क्षितिरुह, तरु, दरख्त, द्वुम, नग, पादप, पेड़, बूटा, महीज, महीरुह, रूख, विंटप।
  • शब्द : आरव, आवाज, घोष, ध्वनि, ध्वान, नाद, निनाद, निस्वन, निस्वान, लफ्ज, विराव, ख, शोर, संराव ।
  • छारीर : अंग, कलेवर, काय, काया, गात, गात्र, घट, तन, तनू, देह, पंजर, पिंड, बंध, बदन, मूर्ति, विग्रह, स्कंध ।
  • संसार : जग, जगत्‌, जगती, दुनिया, भव, भुवन, लोक, विश्व ।
  • सभा : अधिवेशन, परिषद्‌, बैठक, महासभा, समिति, सम्मेलन ।
  • समुद्र : अकूपार, अंबुधि, अब्धि, अर्णव, उदधि, क्षीराब्धि, जलधि, तोयनिधि, तोयराज, नदीश, नीरधि, नीरनिधि, सागर, सिंधु ।
  • समूह : गण, गिरोह, गुट, जत्था, जन, जमघट, जमात, झुंड, टोली, दल, पुंज, मंडली, राशि, वृंद, संघ, सभा, समुदाय ।
  • सरस्वती : इड़ा, भारती, महाश्वेता, वागीशा, वागीश्वरी, वाग्देवी, वाणी, विद्यादेवी, वीणापाणि, वीणावादिनी, शारदा, हंसवाहिनी ।
  • साँप : अहि, आशीविष, उरग, कुंडली, चक्री, दंदशूक, पन्नग, फणकर, फणधर, फणभृत, भुजग, भुजंग, विषधर, व्याल, सर्प ।
  • सिंह : केसरी, पंचानन, पंचास्य, मृगपति, मृगराज, मृगेंद्र, शेर, हरि ।
  • सीता : जनकनंदिनी, जनकसुता, जानकी, मैथिली, रामप्रिया, वैदेही ।
  • सुन्दर : कमनीय, मनोरम, मनोहर, रमणीक, रुचिर, ललित, सुहावना ।
  • सूर्य : आदित्य, दिनकर, दिवाकर, भानु, भास्कर, मार्तण्ड, रवि ।
  • सेना : अनीक, अनीकिनी, कुमक, चक्र, चतुरंगिनी, चमू, ध्वजिनी, फौज, बल, लशकर, वाहिनी, सैन्य ।
  • सोना : अग्निभ, अग्निवीर्य, कंचन, कनक, कांचन, कुंदन, जांबुनद, जांबूनद, दीप्त, भर्म, सुवर्ण, स्वर्ण, हाटक, हिरण्य, हेम ।
  • स्त्री : औरत,. कामिनी, नारी, महिला, रमणी, ललना, वनिता ।
  • स्वर्ग : ऊर्ध्वलोक, गोलोक, जन्नत, त्रिदशालय, त्रिदिव, त्रिविष्टप, द्यौ, देवलोक, नाक, बैकुंठ, मंदर, शक्रभुवन, सुरलोक, स्वर ।
  • हनुमान : अंजनीपुत्र, आंजनेय, कपीश, कपीश्वर, केसरीनंदन पवनकुमार, पवनपुत्र, पवनसुत, बजरंगबली, बजरंगी, महावीर ।
  • हवा : अनिल, जगत्प्राण, पवन, पवमान, मारुत, वात, वायु, समीर ।
  • हाथी : कुंजर, गज, गयंद, दंतावल, दंती, मातंग, सारंग, हस्ती ।
  • हदय : उर, चित्‌, छाती, दिल, वक्ष, वक्षस्थल, हिय, हिया, छद्‌ ।
  • होशियार : कुशल, चतुर, चालाक, दक्ष, निपुण, पढु, प्रवीण, विज्ञ ।

अभ्यास

  1. पर्यायवाची शाब्द किसे कहते हैं? सोदाहरण स्पष्ट करें ।
  2. निम्नांकित शब्दों के तीन-तीन पर्यायवाची शब्द लिखें – अभिमान, अमृत, आँख, इन्द्र, गंगा, दानव, दूध, पार्वती, राजा, सूर्य, हवा ।
  3. कोष्ठक में से उपयुक्त शब्द चुनकर खाली स्थानों की पूर्ति करें –
    1. उसने उसकी …. की। (तिरस्कार, अनादर, अवहेलना)
    2. एक ही दाँत होने के कारण गणेशजी को … कहते हैं। (गजवदन, लंबोदर, एकदंत)
    3. प्यासे को …. देना धर्म है। (अमृत, पानी, मेघपुष्प)
    4. जिसके दस मुख हैं, उसे …. कहते हैं। (रावण, राक्षसेन्द्र, दशानन)
    5. ईश्वर मेरे …. में निवास करते हैं। (उर, हिया, हृदय)
  4. निम्नलिखित वाक्यों के रिक्त स्थानों को उपयुक्त पर्यायवाची शब्द से पूरा करें :
    1. स्त्री, महिला या नारी को …. भी कहते हैं ।
    2. साँप, भुजग या भुजंग को …. भी कहते हैं ।
    3. लक्ष्मी, इंदिरा या कमला का दूसरा नाम …. भी है।
    4. माता, माँ या मैया को प्यार से …. भी कहते हैं।
    5. बेटी, लड़की या पुत्री का दूसरा नाम है – …. ।

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